सीए की जीएसटी फ्रॉड गैंग; 26 डमी फर्मों से बांटे 95 करोड़ के फर्जी बिल, 17.40 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी

प्रदेश के कई जिलों और अन्य राज्यों के कारोबारियों को फर्जी बिल देकर टैक्स बचाने का जुगाड़ करने वाले सीए की जीएसटी फ्रॉड गैंग के मास्टरमाइंड सीए गौरव माहेश्वरी और उसकी साथी जयपुर की सीए परिधि जैन के खिलाफ स्टेट जीएसटी डिपार्टमेंट ने बुधवार को कोर्ट में 5943 पेज की चार्जशीट पेश की। स्टेट टैक्स कमिश्नर डॉ. प्रीतम बी. यशवंत के अनुसार जोधपुर स्टेट टैक्स उपायुक्त (प्रशासन) नरेंद्रसिंह पुरोहित के निर्देशन में जोधपुर एंटी इवेजिन टीम ने जीएसटी चोरी के इस पूरे प्रकरण की कई महीनों तक जांच की थी। इसमें अब तक की जांच में 26 डमी फर्मों से 95.02 करोड़ के फर्जी बिल जारी कर 17.40 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी करना सामने आया है। इन दोनों शातिर चार्टर्ड अकाउंटेंट के अलावा विभाग ने 58 फर्मों को नोटिस जारी कर रखे हैं, जिन्होंने इस गिरोह से फर्जी बिल लेकर टैक्स चोरी करने का संदेह है। इन फर्मों से भी विभाग को तकरीबन 6-7 करोड़ रुपए का टैक्स मिलने की उम्मीद है। 


स्टेट जीएसटी की एंटी इवेजिन शाखा के प्रभारी व जांच अधिकारी भारतसिंह शेखावत, राज्य कर अधिकारी मुकेश गर्ग, नितिन तिवाड़ी व कनिष्ठ राज्य कर अधिकारी पृथ्वीराज पालीवाल, परेगाराम चौधरी व टीए अंकिता चौपड़ा सहित अन्य की टीम ने करोड़ों के जीएसटी चोरी के मामले में गत 16 दिसंबर को जयपुर निवासी परिधि जैन अाैर 18 दिसंबर को शंकर नगर निवासी सीए गौरव माहेश्वरी को गिरफ्तार किया था। माहेश्वरी वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में है।


भास्कर ने चार माह पहले किया था इस गैंग का खुलासा 


शंकर नगर निवासी सीए गौरव माहेश्वरी ने जयपुर निवासी सीए परिधि जैन के साथ मिलकर फर्जी फर्म बना जीएसटी रजिस्ट्रेशन किए थे। इनके खातों  के लिए भी जाली दस्तावेजों का उपयोग किया। ये मजदूरों, कार चालकों, लॉन्ड्री चलाने वाले या गोली-बिस्किट बेचने वालों को लोन का झांसा देकर लिए गए थे। भास्कर ने गत वर्ष 24 अक्टूबर को ‘सीए ने फर्जी फर्में बना किए करोड़ों के ट्रांजेक्शन, परिचितों को जीएसटी के नोटिस मिले तो पता चला’ शीर्षक से प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। इसके बाद जोधपुर शहर के विभिन्न थानों में सीए गौरव माहेश्वरी व अन्य के खिलाफ एक के बाद एक अाठ मामले दर्ज हुए थे।


चार्जशीट :  453 पेज में सारांश अाैर शेष 5490 पेज में गिरोह के कारनामे


उपायुक्त पुरोहित के अनुसार एंटी इवेजिन टीम द्वारा आर्थिक अपराध न्यायालय जोधपुर महानगर में पेश किए गए कुल 5943 पेज में से 453 पेज में चार्जशीट का सारांश है, जबकि शेष 5490 पेज में शातिर सीए गौरव माहेश्वरी और सीए परिधि जैन द्वारा फर्जी तरीकों से बनाई गई फर्मों, जाली दस्तावेजों के आधार पर खोले गए बैंक खातों और इनमें किए गए ट्रांजेक्शन से जुड़े साक्ष्य हैं।


जारी रहेगा अभियान: आयुक्त
 स्टेट टैक्स डिपार्टमेंट ऐसे लोगों पर लगातार गुप्त रूप से नजर रख रहा है, जो टैक्स बचाने के लिए फर्जी बिल लेते हैं। इनके साथ ही फर्जी बिल देने वाले गिरोह के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के निर्देश विभाग के सभी अधिकारियों निर्देश हैं। प्रदेश के कारोबारियों से भी अपील है कि वे छोटे लालच में फंसने से बचें और ईमानदारी से टैक्स चुकाकर अपने कारोबार को बढ़ाने पर जोर दें, ताकि बाद में परेशानी नहीं झेलनी पड़े। -डॉ. प्रीतम बी. यशवंत, आयुक्त, स्टेट टैक्स जयपुर