पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने रविवार को मालवीय नगर थानाप्रभारी अरुण पूनियां को हटाते हुए एपीओ का आदेश जारी कर दिया। यह फैसला भाजपा के सोमवार को कमिश्नरेट कार्यालय पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी को देखते हुए लिया गया। इसके बाद शहर भाजपा के अध्यक्ष सुनील कोठारी ने धरना स्थगित करने की घोषणा कर दी। कोठारी ने कहा कि जयपुर शहर भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं की सामूहिकता के कारण कमिश्नर ने यह फैसला लिया।
इससे पहले शहर भाजपा ने शुक्रवार को थानाप्रभारी के निलंबन की मांग को लेकर मालवीय नगर थाने में करीब चार घंटे धरना प्रदर्शन किया था। लेकिन पुलिस कमिश्नरेट के उच्चाधिकारियों ने भाजपा नेताओं से हुई बातचीत में थानाप्रभारी को निलंबित करने की बात से इंकार कर दिया। तब मांग नहीं माने जाने पर वार्ता बेनतीजा हो गई। तब भाजपा नेताओं ने सोमवार को पूरे दमखम के साथ जयपुर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय पर धरना प्रदर्शन देने का आह्वान किया।
धरना प्रदर्शन की रणनीति के लिए प्रदेश कार्यालय में बुलाई आपात बैठक
सोमवार को पूरे दम के साथ विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाने के लिए रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आपात बैठक बुलाई गई। जिसमें पूर्व मंत्री व विधायक कालीचरण सर्राफ, अरुण चतुर्वेदी, अशोक परनामी, सांसद रामचरण बोहरा, पूर्व उपमहापौर मनीष पारीक सहित काफी संख्या में दिग्गत नेता व शहर भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहे। लेकिन सोमवार को मामला तूल पकड़ता और पुलिस के लिए सिरदर्द बनता। इसके पहले ही पुलिस कमिश्नर ने रविवार को थानाप्रभारी को हटा दिया।
यह था मामला
बुधवार देर रात को अज्ञात बदमाशों ने मालवीय नगर सेक्टर 3 में थड़ियों में आग लगा दी। तब थड़ी संचालकों को मुआवजा देने के लिए भाजपा नेता सुमन शर्मा धरने पर बैठ गई। वे दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगी। तभी कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा भी आगजनी की सूचना पर मौके पर पहुंची। वहां दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गए।
तब पुलिस ने बल प्रयोग कर धरने में मौजूद लोगों को खदेड़ दिया। इसमें धरना दे रहे धर्मा चौधरी का सिर फट गया। सुमन शर्मा के भी चोट आईं। ऐसे में सुमन शर्मा ने कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा के इशारे पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाते हुए थानाप्रभारी को निलंबन करने की मांग की। जिसमें शहर भाजपा के नेताओं के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन शुरु हो गया।